Tuesday, January 14, 2020

मुक्तक : 948 - अदम आबाद


मत ज़रा रोको अदम आबाद जाने दो ।।
हमको उनके साथ फ़ौरन शाद जाने दो ।।
उनसे वादा था हमारा साथ मरने का ,
कम से कम जाने के उनके बाद जाने दो ।।
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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मुक्तक : 941 - बेवड़ा

लोग चलते रहे , दौड़ते भी रहे ,  कोई उड़ता रहा , मैं खड़ा रह गया ।। बाद जाने के तेरे मैं ऐसी जगह ,  जो गिरा तो पड़ा का पड़ा रह गया ।...