मुक्तक : 948 - अदम आबाद


मत ज़रा रोको अदम आबाद जाने दो ।।
हमको उनके साथ फ़ौरन शाद जाने दो ।।
उनसे वादा था हमारा साथ मरने का ,
कम से कम जाने के उनके बाद जाने दो ।।
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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