मुक्तक : 929 - चुस्कियाँ


याद में ; यार की ; हिचकियाँ ली गयीं ।।
गीत गाते कई मुरकियाँ ली गयीं ।।
दिल हुआ गर नशे का तो दारू नहीं ,
प्याली में चाय की चुस्कियाँ ली गयीं ।।
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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