Friday, June 16, 2017

*मुक्त-मुक्तक : 871 - इश्क़ की तैयारियां



छोड़कर आसानियाँ सब 
माँगता दुश्वारियाँ वो ॥
चाहता सेहत नहीं क्यों 
चाहता बीमारियाँ वो ॥
इक पुराना बेवफ़ा बस 
भूलकर बैठा ही है इत ;
उठके उत करने लगा 
नए इश्क़ की तैयारियां वो ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति


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