*मुक्त-मुक्तक : 793 - पीने से रोक लेते ?



मर-मर के मुझको गर तुम 
जीने से रोक लेते ॥
सीना अड़ा के अपने 
सीने से रोक लेते ॥
क्यों होता बादाकश क्यों 
बेगाना होश से मैं ,
पहली ही काश ! बोतल 
पीने से रोक लेते ?
( बादाकश=शराबी )
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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