*मुक्त-मुक्तक : 790 - करो तृप्त ॥




मुझको पूरा भर दो या कर चलो रिक्त ॥
या प्यासा ही रक्खो या फिर करो तृप्त ॥
मैं अतिवादी पूर्णत्व का अभिलाषी ,
फीका हो मीठा तो मुझको लगे तिक्त ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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