*मुक्त-मुक्तक : 785 - जहन्नुम





मर्ज़ इक तो लाइलाज़ उस पर ये तुर्रा कर्क है ॥
ज़िंदगी पूरी जहन्नुम , एक रौरव नर्क है ॥
फिर भी रोके है हमें तू ज़ह्र पीने से !!
ख़ुदकुशी के वास्ते इस से बड़ा क्या तर्क है ?
( कर्क=कैंसर , रौरव=एक भयानक नर्क ,तर्क=दलील )
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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