*मुक्त-मुक्तक : 765 - वो क्या मुझे जगाएगा ?

वो क्या मुझे जगाएगा जो ख़ुद ही सो रहा ?
वो क्या मुझे हँसाएगा जो ख़ुद ही रो रहा ?
हिम्मत-ओ-हौसला वो क्या दिलाएगा मुझे ,
जो ख़ुद हिरास में है लस्त-पस्त हो रहा ?
( हिरास = निराशा , आशंका )

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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