*मुक्त-मुक्तक : 739 - अच्छा किया ॥


ठीक है मुझसे मुँह फेर तूने लिया ॥
आगे भी जो भी करना हो करना पिया ॥
चाहे करना बुरा किन्तु ऐसा लगे ,
साथ मेरे सदा तूने अच्छा किया ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

Comments

varun mishra said…
share your Line with us, in ebook format, or Text
Free ebook publisher india

Popular posts from this blog

विवाह अभिनंदन पत्र

विवाह आभार पत्र

सिर काटेंगे