*मुक्त-मुक्तक : 735 - है युवा पुरुषार्थ कर........



हर घड़ी आलस्य में पड़ लेट कर ॥
मत बढ़ा चर्बी बड़ा मत पेट कर ॥
है युवा पुरुषार्थ कर भरसक अरे ,
सो के जीवन को न मटिया मेट कर ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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