*मुक्त-मुक्तक : 723 - मन से बच्चा लाओ तुम ॥



अक़्ल का चाहो भले 
भरपूर कच्चा लाओ तुम ॥
लाख बूढ़ा ही सही पर 
मन से बच्चा लाओ तुम ॥
ढूँढता फिरता हूँ मैं इक 
आदमी यदि हो कहीं –
छल-रहित ,पाखण्ड-च्युत ,
सोने सा सच्चा लाओ तुम ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति


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