*मुक्त-मुक्तक : 710 - जन्मा इक किन्नर ने बच्चा !


जो गप्पी लोगों को 
देता फिरता गच्चा ॥
कैसे मानलूँ है इस बार 
वो सचमुच सच्चा ?
ढोल पीटकर चीख 
असंभव समाचार दे ,
हृष्ट-पुष्ट जन्मा है इक 
किन्नर ने बच्चा !
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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