राष्ट्र-प्रेम

मात्र जिह्वा से इसका मत उच्चारण करना ॥
देश-भक्ति को सदा हृदय में धारण करना ॥
निज-हित,स्वार्थ-पूर्ति को सब ही मरते हैं तुम ,
राष्ट्र-प्रेम को ही मरने का कारण करना ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

सुन्दर अभिव्यक्ति।
गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.. आपको...।

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