*मुक्त-मुक्तक : 663 - रहा हूँ उसके बहुत साथ


रहा हूँ उसके बहुत साथ मैं न कम लेकिन ॥
किए हैं उसने कई मुझपे हाँ करम लेकिन ॥
यकीं तो आए कि मेरा कभी वो था कि नहीं ,
करूँ तभी तो बिछड़ने का उससे ग़म लेकिन ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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