*मुक्त-मुक्तक : 620 - बनाने वाला ही...........


बनाने वाला ही मुझको तबाह करता है !
मिटाके आह न भर वाह-वाह करता है !
है मुझपे पूरा हक़-ओ-अख़्तियार जब उसका ,
सही है फिर वो कहाँ कुछ गुनाह करता है ?
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

Darshan jangra said…
बहुत सुंदर
आज हिंदी ब्लॉग समूह फिर से चालू हो गया आप सभी से विनती है की कृपया आप सभी पधारें

शनिवार- 18/10/2014 नेत्रदान करना क्यों जरूरी है
हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः35
धन्यवाद ! Darshan jangra जी !

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