*मुक्त-मुक्तक : 611 - मेरे गले में झूम के.....


मेरे गले में झूम के 
लूमा ज़रूर था ॥
घण्टों वो मेरे साथ में 
घूमा ज़रूर था ॥
लब न लबों से अपने मेरे 
उसने थे छुए ,
लेकिन मुझे अकेले में 
चूमा ज़रूर था ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

बहुत खूब ...!!
धन्यवाद ! Lekhika M Shlok जी !

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