153 : ग़ज़ल - उसको मेरे वास्ते.......


उसको मेरे वास्ते 
पागल बना दो ॥
इश्क़ का मेरे उसे 
चस्का लगा दो ॥
मैं हमेशा से हमेशा 
को हूँ उसका ,
वो मेरा कब होगा 
कोई तो बता दो ?
कट मरूँगा सच वो मेरा 
गर हुआ ना ,
उसको ये ताकीद कर दो
ये जता दो ॥
मान ही बैठे हो जब तुम 
मुझको मुर्दा ,
दफ्न कर दो या हो मर्ज़ी 
तो जला दो ॥
जिस क़दर अय्यार हो तुम 
यार झटपट
तुम सा बन जाऊँ मैं कैसे ? 
मश्वरा दो ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

Comments

बहुत बढियाँ ....
धन्यवाद ! Lekhika 'Pari M Shlok' जी !

Popular posts from this blog

विवाह अभिनंदन पत्र

विवाह आभार पत्र

मुक्त ग़ज़ल : 267 - तोप से बंदूक