Monday, October 6, 2014

153 : ग़ज़ल - उसको मेरे वास्ते



उसको मेरे वास्ते पागल बना दो ॥
इश्क़ का मेरे उसे चस्का लगा दो ॥
मैं हमेशा से हमेशा को हूँ उसका ,
वो मेरा कब होगा कोई तो बता दो ?
कट मरूँगा सच वो मेरा गर हुआ ना ,
उसको ये ताकीद कर दो ये जता दो ॥
मान ही बैठे हो जब तुम मुझको मुर्दा ,
दफ़्न कर दो या हो मर्ज़ी तो जला दो ॥
जिस क़दर अय्यार हो तुम यार झटपट
तुम सा बन जाऊँ मैं कैसे ? मश्वरा दो ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

2 comments:

Unknown said...

बहुत बढियाँ ....

डॉ. हीरालाल प्रजापति said...

धन्यवाद ! Lekhika 'Pari M Shlok' जी !

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