मुक्त-मुक्तक : 568 - अटपटी सी बात होने..........


अटपटी सी बात 
होने पर हँसो ॥
दुश्मनों का चैन 
खोने पर हँसो ॥
हँस लो रद्दी चुट्कुले
 सुनके ठठा ,
मत किसी बुलबुल के 
रोने पर हँसो ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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