*मुक्त-मुक्तक : 545 - जितना कहते हैं वो..................


जितना कहते हैं वो 
उतना कभी नहीं करते ॥
और जिस वक़्त पे 
कहते तभी नहीं करते ॥ 
आज का काम कल पे 
टालने के आदी हैं ,
कुछ भी अब का वो भूले 
भी अभी नहीं करते ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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बहुत ही सुंदर शब्दावली
धन्यवाद ! संजय भास्कर जी !

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