*मुक्त-मुक्तक : 528 - कोयल-कुहुक से काक-..................


कोयल-कुहुक से काक-
काँव-काँव से पूछो II
इन झूठे शह्रों से न 
गाँव-गाँव से पूछो II
मेरी सचाई की जो 
चाहिए गवाहियाँ ,
हर-धूप-चाँदनी से 
छाँव-छाँव से पूछो II
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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