*मुक्त-मुक्तक : 526 - ना ज़रुरत से ज़ियादा..............


ना ज़रुरत से ज़ियादा न 
कम मनाने का II
चलते-चलते न खड़े हो न 
थम मनाने का II
इतना मस्रूफ़ रहें 
नापसंद कामों में ,
हमको मिलता ही नहीं 
वक़्त ग़म मनाने का II
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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