*मुक्त-मुक्तक : 524 - तिल-ख़ुशी से आस्मां.............


तिल-ख़ुशी से आस्मां सा दूर हूँ II
ताड़-ग़म सीने में ढो-ढो चूर हूँ II
पूछ मत मेरी मियादे ज़िन्दगी ,
यूँ समझ ले इक खुला काफ़ूर हूँ II

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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