*मुक्त-मुक्तक : 518 - दिखने में साफ़-सुथरे...................


दिखने में साफ़-सुथरे 
बीने-छने हुए थे II
लगते थे दूर से वो 
इक-इक चुने हुए थे II
ख़ुश थे कि दोस्त बनियों 
ने दाम कम लगाए ,
घर आके पाया सारे 
गेहूँ घुने हुए थे II
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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