*मुक्त-मुक्तक : 464 - उसको आँखों को भूल.............


उसको आँखों को भूल याद न होने दूँगा ॥
दिल में इक लम्हा भी आबाद न होने दूँगा ॥
चाहना उसको यानी उसको लुत्फ़ पहुँचाना ,
अपने दुश्मन को कभी शाद न होने दूँगा ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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बहुत उम्दा प्रस्तुति......बहुत बहुत बधाई....
धन्यवाद ! Prasanna Badan Chaturvedi जी !

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