*मुक्त-मुक्तक : 460 - मैं बेक़सूर हूँ मैं ..............


मैं बेक़सूर हूँ मैं गुनहगार नहीं हूँ ॥
हरगिज़ किसी सज़ा का मैं हक़दार नहीं हूँ ॥
चुभते हों जिनको फूल उनकी नाजुकी ग़लत ,
मैं नर्म-नर्म गुल हूँ कड़क ख़ार नहीं हूँ ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

वाह वाह बहुत अच्छे ..
धन्यवाद ! अजय कुमार झा जी !

Popular posts from this blog

विवाह अभिनंदन पत्र

विवाह आभार पत्र

मुक्त ग़ज़ल : 267 - तोप से बंदूक