*मुक्त-मुक्तक : 447 - सोने-चाँदी के जो...................


सोने-चाँदी के जो क़ाबिल हैं ; हैं जो मतवाले ॥
कोयले उनको मिले लोहे भी धूसर काले ॥
है ये क़िस्मत भी अजब चीज़ चमेली वाला ,
तेल मल-मल के छछूंदर के मगज पे डाले ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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