क़ाबिल ही नहीं होते...............

क़ाबिल ही नहीं होते ज़माने में कामयाब,
नालायकों ने भी छुआ है आसमान को ॥ 

अंधों के हाथ भी तो बटेरें लगें यहाँ ,

पाते हैं कितने भुस की जगह जाफ़रान को ?

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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