*मुक्त-मुक्तक : 424 - चार कदम पर मंजिल हो तो........


चार कदम पर मंजिल हो तो पहुँचें पैदल से ,

छोटी मोटी दूरी पार करें गर साइकल से ,
पर्यावरण रहेगा बेहतर सेहत चुस्त दुरुस्त ,
मिल जायेगी नजात किल्लते पेट्रोल डीजल से ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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