*मुक्त-मुक्तक : 402 - यदि कोई उपवन न हो...............


यदि कोई उपवन न हो झुरमुट हो झाड़ी हो ॥
राजसी मदिरा न हो सामान्य ताड़ी हो ॥
लक्ष्य तक पहुँचा सके जो हमको आवश्यक ,
अश्व रथ हो या वो छकड़ा बैल गाड़ी हो ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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