*मुक्त-मुक्तक : 397 - कहता है कौन मेरी................


कहता है कौन मेरी 
शिक़ायत न करो तुम ?
जी भर के पीठ पीछे 
खिलाफ़त न करो तुम ?
कल ख़ुद करोगे खुल के 
तरफ़दारियाँ तुम ही ,
बेशक़ ही आज मेरी 
वक़ालत न करो तुम ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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