*मुक्त-मुक्तक : 393 - बातें बस मत कर यों.............


बातें बस मत कर यों आगे बढ़ बढ़कर ॥
दम है तो दिखला जो बोले वो गढ़कर ॥
कर ले दुनिया भर के टीले फ़तह तो क्या ?
एक दफ़ा बतला तू हिमालय पर चढ़कर ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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