*मुक्त-मुक्तक : 390 - सात रंग न डाले........................


सात रंग न डाले 
डाला रँग काला ॥
जिसमें आटा थोड़ा 
नमक बहुत डाला ॥
अपना हरगिज़ नहीं 
दुश्मने जाँ है वो,
मेरी ऐसी क़िस्मत को 
लिखने वाला ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

सुन्दर अभिव्यक्ति
धन्यवाद ! Lekhika 'Pari M Shlok' जी !

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