*मुक्त-मुक्तक : 366 - बड़े अदब ब क़ाइदा...................


बड़े अदब ब क़ाइदा 
बहुत करीने से ॥
कभी दीवारो दर से टिक 
तो गाह ज़ीने से ॥
आज पहचान भी नहीं रहे 
जिसे कल तक ,
हज़ार बार लगाया था 
अपने सीने से ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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