*मुक्त-मुक्तक : 363 - प्रत्येक पल उसी.......................


प्रत्येक पल उसी उसी का 
नाम लिया है ॥
जीवन ही समर्पित उसी के 
नाम किया है ॥
पशु से मनुष्य मुझको बनाकर के 
जगत में ,
इक देवता का मुझको जिसने 
नाम दिया है ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

Popular posts from this blog

विवाह अभिनंदन पत्र

विवाह आभार पत्र

सिर काटेंगे