*मुक्त-मुक्तक : 350 - वो जबसे ही कुछ...................


वो जबसे ही कुछ दूर 
जाने लगे ॥
ख़यालों में तबसे ही 
छाने लगे ॥
नहीं लगते थे कल 
तलक अच्छे अब ,
वही सबसे ज़्यादा 
लुभाने लगे ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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