*मुक्त-मुक्तक : 344 - लगती है थोड़ी..............


लगती है थोड़ी देर मगर 
फ़िक्र तू न कर ॥
खाली न जाएगी मेरी 
दुआ-ए-पुरअसर ॥
तू जिसको माँगता है 
तू क़ाबिल भी उसके है ,
बेशक़ तू हक़ को पाएगा 
यकीन कर उस पर ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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