*मुक्त-मुक्तक : 337 - क्या सितम-ज़ुल्म-जफ़ा................


क्या सितम-ज़ुल्म-
जफ़ा करना बुरी बात नहीं ?
क्या मोहब्बत में 
दग़ा करना बुरी बात नहीं ?
तो जो ऐसा हो 
सितमगर-ओ-दग़ाबाज़ उससे ,
अपना वादा-ओ-
वफ़ा करना बुरी बात नहीं ?
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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