*मुक्त-मुक्तक : 322 - जिसको थी तमन्ना................


जिसको थी तमन्ना मेरी 
उसको न मिल सका ॥
लेकिन मैं उसके दिल से 
उम्र भर न हिल सका ॥
मैं भी न हँस सका कभी 
रहकर के उससे दूर ,
वो भी न मेरे हिज्र में 
मुरझा के खिल सका ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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