*मुक्त-मुक्तक : 313 - उनके मुख को मुख................


उनके मुख को मुख नहीं बस 
लिखते रहे कंवल ॥
सिर्फ़ ख़्वाब बुनते रहे बस
 कहते रहे ग़ज़ल ॥
लेने वाला ले उड़ा जब 
उनको पैदल चल ,
हाथ हिलाते रह गये हम बस 
दिल मसल-मसल ॥
 -डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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