*मुक्त-मुक्तक : 307 - उसको नुकसां नहीं................


उसको नुकसां नहीं है 
सिर्फ़ नफ़ा है मुझसे ॥
इतने सालों में मगर 
पहली दफ़ा है मुझसे ॥
देखके मुझको ख़ुश औ’’ 
सिर्फ़ ख़ुश होने वाला ,
मुझको हैरत है आज 
सख़्त ख़फ़ा है मुझसे ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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