*मुक्त-मुक्तक : 306 - मुझे बर्बाद करने............


मुझे बर्बाद करने में 
न तुम कोई कसर रखना ॥
अगर बच जाऊँ खाने में 
मिलाकर के ज़हर रखना ॥
अगर मिलती हैं इससे ही 
तुम्हें खुशियाँ तो हाज़िर हूँ ,
मगर मर जाऊँ तो मैयत पे 
दो गुल , दो अगर रखना ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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