*मुक्त-मुक्तक : 305 - भावों के मौन.............


भावों के मौन स्पष्ट प्रहारों से दे जवाब ॥
माना ज़ुबाँ नहीं तो इशारों से दे जवाब ।
कब तक सहन करेगा बदसलूकियाँ उसकी ,
अब सब्र छोड़ गोली-कटारों से दे जवाब ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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