मुक्तक : 273 - बहुत हल्का मगर............


बहुत हल्का 
मगर भारी लगे है ॥
मुझे चिड़िया का 
पर भारी लगे है ॥
तुझे क्या सर उठाऊँ 
जबकि अपना ,
धरा काँधों पे 
सर भारी लगे है ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

Muktak bahut umda hai lekin photo samayanukool naheen hai.

- Shoonya Akankshi
धन्यवाद ! Shoonya Akankshi जी !

Popular posts from this blog

विवाह अभिनंदन पत्र

विवाह आभार पत्र

मुक्त ग़ज़ल : 267 - तोप से बंदूक