*मुक्त-मुक्तक : 270 - ईश्वर को..............

ईश्वर को ध्यान में रख पथ की विकट बलाएँ ॥
हमनें स्वयं ही हल कीं चुन-चुन के समस्याएँ ॥
कुछ भी तो सरलता से सौभाग्य से न पाया ,
जो कुछ मिला है करके घनघोर तपस्याएँ ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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बहुत ही सुन्दर और सार्थक प्रस्तुती,अभार।
धन्यवाद ! राजेन्द्र कुमार जी !

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