*मुक्त-मुक्तक : 261 - मुझको जीने नहीं.......


मुझको जीने नहीं देते जो 
हँसके सब आदम ॥
मेरे मरने पे मनाएंगे 
वो ग़ज़ब मातम ॥
आज लगती है मेरी 
चाल उनको बेढब सी ,
कल मेरे तौर तरीक़ों पे 
चलेगा आलम ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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