*मुक्त-मुक्तक : 241 - कोई आशा की...........


कोई आशा की किरण
 सम्मुख न हो ॥
दुःख भरा हो उसमें किंचित 
सुख न हो ॥
कितना भी हो कष्टप्रद जीवन.... 
युवा ,
आत्महत्या को कभी 
उन्मुख न हो ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

Sriram Roy said…
प्रेरणाप्रद रचना .....

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