*मुक्त-मुक्तक : 217 - चार क़दम पर..............

चार क़दम पर मंजिल हो तो पहुँचें पैदल से ॥
छोटी मोटी दूरी पार करें गर साइकल से ॥
पर्यावरण रहेगा बेहतर सेहत चुस्त-दुरुस्त ,
’’ नजात मिल जाए क़िल्लते पेट्रोल डीज़ल से ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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