*मुक्त-मुक्तक : 207 - कंप्यूटर युग में............


 कम्प्यूटर युग में को अटठू 
चौसर कौड़ी खेले ॥
अब शॉपिंग को लोग मॉल में 
जाएँ, जाएँ न मेले ॥
जल्दी जल्दी दुनिया कितनी 
बदल गई यारों ,
एक वक़्त था बाइसिकल का 
आज कार के रेले ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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