*मुक्त-मुक्तक :190 - क्या गुनह मैंने...............



क्या गुनह मैंने किया जो चूम बैठा पीठ पर ॥
‘‘किस मी किस मी टच मी टच मी’’ देख लिक्खा पीठ पर ॥
ले चली मुझको पकड़ कर पुलिस इस इल्ज़ाम में ,
रात भर मारेगी मिलकर लात मुक्का पीठ पर ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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हां हां हां ....सुन्दर
धन्यवाद ! श्रीराम रॉय जी !

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