*मुक्त-मुक्तक : 177 - उत्कृष्टता पर................





उत्कृष्टता पर देखिये
निकृष्ट लिखते हैं ॥ 
निकृष्ट को हर समय 
अति उत्कृष्ट लिखते हैं ॥ 
दुष्ट को लिखते मसीहा 
साधु को शैतान ,
धुर अनावश्यक को 
पल पल इष्ट लिखते हैं ॥ 

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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