*मुक्त-मुक्तक : 174 - बाहर हैं जो.............


बाहर हैं जो जेलों में
 गिरफ़्तार नहीं हैं ॥
मतलब नहीं इसका वो
 गुनहगार नहीं हैं ॥
साबित न जिनके ज़ुर्म 
अदालत में हो सके ,
क्या ऐसे ख़ताकार
 ख़ताकार नहीं हैं ?
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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